6 प्राकृतिक भोज्य पदार्थ जो शरीर के जनन अंगों को शक्तिशाली बनाते

प्रेम भावना और यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए प्राचीन काल से ही भोज्य पदार्थों का उपयोग होता आया है। प्राचीन काल में 2000 बीसी से भी पहले चीन के चिकित्सक व्यक्तियों की यौन शक्ति को बढाने के लिए जेन शेन नामक पदार्थ की जड़ को उबालकर उसका काढ़ा पीने के लिए दिया करते थे। बेबीलोन में भी पुराने समय में स्त्रियां तिल और शहद को मिलाकर बनाई गई गोलियों को यौन शक्ति और प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए चबाया करती थीं। न जाने कितने समय से हंगरी में रहनेवाले जिप्सी (घुमंतू) लोग और पहाड़ों पर निवास करनेवाले बुल्गेरिया के लोग प्रोस्टेट ग्रंथि की शक्ति बढ़ाने और उसके द्वारा यौन शक्ति को उन्नत करने के लिए पपीते के बीजों का सेवन करते आए हैं। आधुनिक शोधकर्ताओं ने भी यौन शक्ति को बढ़ाने में इनमें से कई पदार्थो की उपयोगिता को साबित किया है और इनसे जनन संबंधी अक्षमताओं के सुधार की भी बात कही है। यहां बताए गए प्राकृतिक भोज्य पदार्थ शरीर के जनन अंगों को शक्तिशाली बनाने के लिए आवश्यक यौगिकों से भरपूर होते हैं और इनसे प्रजनन तंत्र को शक्ति मिलती है।

भोज्य पदार्थ जो यौन स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं

बादाम, हींग, एस्पेरागस, बरगद, बंगाल चना, पान, अजवायन, काला चना, इलायची, गाजर, कोंचा, खजूर, सहजन के फूल, मेथीदाना, लहसुन, अदरक, जिनसेंग, शहद, आंवला, जामुन, भिंडी, आम, खरबूज, जायफल, प्याज, काली मिर्च, कद्दू के बीज, काली किशमिश, करडी के बीज, तिल और गेहूं का तेल

1.बादाम

नसों की दुर्बलता और दिमाग की कमज़ोरी के कारण यौन शक्ति कम होने की स्थिति में बादाम बड़ा लाभदायक होता है। इसका नियमित प्रयोग यौन शक्ति को बढ़ाता है। इसमें दिमाग को शक्ति देने का गुण होता है और यह शरीर को स्वस्थ और ताकतवर बनाता है। बादाम और भुने हुए चने मिलाकर खाना यौन शक्ति को वापस प्राप्त करने में सहायक होता है।

2.हींग

हींग जो गोंद की श्रेणी का पदार्थ है और जो अपनी तीखी गंध के कारण प्रसिद्ध है, भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। यह भी यौन शक्ति को बढाता है अतः इसका उपयोग यौन इच्छा की कमी को दूर करने में किया जाता है। 6 सेन्टीग्राम हींग को घी में तलकर शहद के साथ मिलाया जाता है और इसमें एक चम्मच बरगद का दूध (लेटेक्स) मिलाकर एक टॉनिक बनाया जाता है। यह टॉनिक बहुत ही प्रभावशाली होता है। यौन अक्षमता और दुर्बलता के उपचार हेतु इसे चालीस दिनों तक रोज सूर्योदय से पहले लिया जाना चाहिए। यह शुक्राणुओं की कमज़ोरी और शीघ्रपतन की स्थिति के उपचार में भी बहुत लाभ देता है।

3.एस्पेरगास

इस सब्ज़ी में बहुत से लवण और विटामिन्स होते हैं, साथ ही सेल्यूलोज़ की भी खासी मात्रा होती है। यह अत्यधिक पोशक होता है। यह औषधीय गुणों की बहुलतावाला अत्यधिक क्षारीय पदार्थ है। यह कामेच्छा बढ़ानेवाला भोज्य पदार्थ है। इसे सबसे पहले ग्रीक में उगाया गया था मगर फिर भी यह सदियों से अरब के लोगों की भी पहली पसंद रहा है। अरब लोगों का यह मानना था कि इसे पानी में उबालकर वसा में तलने और इस पर मसाला छिड़ककर खाने से यह यौन उदृीपक का काम करता है। एस्पेरगास में आयोडीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, आयोडीन युक्त पदार्थ कामुकता को बढ़ाते हैं अतः इसे कामोत्तेजना बढ़ानेवाले पदार्थ के रूप में मान्यता दी जाती है। आयोडीन अन्तःस्त्रावी ग्रंथियों को विशेषतः थायरोइड को उत्प्रेरित करता है। थायरोइड ग्रंथि थायारिक्सिन का स्त्राव करती है जो कि अच्छे चयापचय, स्वस्थ त्वचा और यौन इच्छा के संतुलन हेतु आवश्यक होता है। भारत में एस्पेरगास के सूखी हुई जड़ों का प्रयोग यूनानी चिकित्सा पद्धति में कामोत्तेजना बढ़ानेवाले पदार्थ के रूप में किया जाता है। यह बाज़ार में सफेद मूसली के नाम से मिलती है। इसकी जड़ की 15 ग्राम मात्रा को दूध में उबालकर दिन में दो बार लिया जाता है। इसका नियमित उपयोग वीर्य को गाढा बनाता है और नपुसंकता और शीघ्र पतन के इलाज में प्रभावी होता है।

4.बरगद

बरगद का पेड़ भारत भर में प्रसिद्ध है। यह कई रोगों की पारंपरिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस पेड़ के फल रक्त और वीर्यवर्धक होते हैं। अपनी चमत्कारी कामोत्तेजक प्रवृत्ति के कारण यह कई रासायनिक दवाओं से ज्यादा उपयोगी होता है। बरगद के फल रक्त और वीर्यवर्धक होते हैं। बरगद के पके हरे और लाल हो चुके फलों को इकट्ठा करना चाहिए। इन्हें डाली से तोड़ना चाहिए, नीचे गिरे हुए या लोहे के संपर्क में आए हुए फल नहीं लेने चाहिए। इन्हें छाया में रखकर सुखाना चाहिए। इसके बाद इन्हें ओखली में या हाथ से कूटकर महीन कर लेना चाहिए और बराबर मात्रा में शक्कर मिलाकर सुरक्षित रख लेना चाहिए। इस चूर्ण को सुबह और शाम छह ग्राम की मात्रा में दूध के साथ लिया जाना चाहिए। यह त्वचा के रंग को गुलाबी निखार देता है और शीघ्र पतन के इलाज में भी काम आता है। महिलाओं में बॉंझपन के इलाज के लिए बरगद की पतली जड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। इन जड़ों को छाया में सुखाकर पॉंच गुना दूध में मिलाना चाहिए। इस मिश्रण को हर महीने मासिक चक्र के बाद लगातार तीन रातों को लिया जाना चाहिए। इस दवा के साथ अन्य कोई आहार नहीं लेना चाहिए।

5.बंगाल चना

चना भी भारत की महत्वपूर्ण दालों में से एक है। इसे साबुत बीज और दाल के रूप में खाया जाता है। इसमें कई औषधीय गुण होते हैं। काले चने को रात भर भिगोकर रखने और सुबह शहद के साथ खाने से यह टॉनिक का काम करता है। भुने चने का आटा या बेसन बहुत पोषक और नपुसंकता तथा शीघ्र पतन रोकने में लाभदायक होता है। अच्छे परिणामों के लिए दो चम्मच आटे को शहद, सूखे खजूर और स्किम्ड दूध के साथ लेना चाहिए।

6.पान

आयुर्वेदिक चिकित्सक पान को कामोदृीपक पदार्थ के रूप में मान्यता देते आए हैं। इसके अन्य गुणों जैसे मुंह की दुर्गन्ध दूर करना, यौन इच्छा को बढ़ाना आदि के अलावा पान–सुपारी भारतीय परंपरा में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारतीय परंपरा में पत्नियां पति का स्वागत पान–सुपारी से करती थीं। पान को सुपारी के साथ चबाया जाता है। सामान्यतः सुपारी के छोटे–छोटे टुकड़े करके उन्हें पान के पत्तों में लपेटा जाता है, इसमें स्वाद के लिए चूना, कत्था लगाकर इसे चबाया जाता है।अक्सर इसमें लौंग, इलायची और दालचीनी भी मिलाई जाती है। खाने के बाद पान चबाने पर यह सांस को मीठी सी खुशबू से भर देता है और हलके प्रभाव वाले यौन उदृीपक का काम करता है।

7.अजवायन

अजवायन जो मसालों में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसे भी यौन उदृीपक पदार्थ माना जाता है। अजवायन के बीजों को हल्दी के बीजों के गूदे के साथ मिलाने से बना पदार्थ तीव्र यौन उदृीपक का काम करता है। इन दोनों को बराबर मात्रा में घी में भूना जाता है और बारीक पीसकर हवाबंद डिब्बे में रखा जाता है। इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा को एक चम्मच शहद और दूध के साथ रोज सोने से पहले लिया जाना चाहिए। यह पौरुष को बढ़ाता है और शीघ्र पतन को रोकता है। यह उपाय कई कीमती दवाओं से अधिक प्रभावशाली है। यह वीर्य में शुक्राणुओं की मात्रा को भी बढ़ाता है जिससे गर्भाधान में मदद मिलती है। इससे स्वस्थ संतान प्राप्त करने में भी मदद मिलती है।

8.काला चना

काले चने को भी यौन क्षमता बढ़ानेवाला पदार्थ माना जाता है। इसे पानी में छह घंटे तक भिगोकर रखना चाहिए और पानी निथारकर चने को गाय के घी में भूनना चाहिए। यह बढ़िया यौन टॉनिक का काम करता है। अक्षमता, शीघ्र पतन और वीर्य के पतलेपन के इलाज के लिए इसे गेहूं के आटे से बनी ब्रेड और शहद के साथ खाना चाहिए। इलायची इलायची को मसालों के राजा की उपमा दी जाती है। यह भी यौन इच्छा को बढ़ाता है। यह यौन अक्षमता और शीघ्र पतन के इलाज में उपयोगी है।

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