खाद्य प्रदार्थ में मौजूद तत्वों के फायदे व नुकसान

खाद्य तत्व एक उपयोगी तत्व है जिसका सही प्रयोग कर के हम रोगों से दूर रह सकते हैं और रोग हो जाने पर इसके थोड़ा परिवर्तन करके रोग को नष्ट भी कर सकते हैं खाद्य तत्व में पंचतत्व विधमान होते हैं। मिटटी के एक साधारण से डेले में ऑक्सीजन, कार्बोन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, आयोडीन, तांबा, गंधक, कोबाल्ट, आदि तत्व विधमान होते हैं । जो कुछ आहार हम ग्रहण करते हैं वो सभी हमें पृथ्वी से प्राप्त होते है पृथ्वी के उपर्युक्त मूलतत्व भी इनमे शामिल हो जाते है जो हमारी सेहत के लिए बहुत लाभकारी है इसलिए पृथ्वी से प्राप्त होने वाले समस्त खाद्य पदार्थ हमारे शरीर के लिए लाभदायक हैं ।

इनमे प्रोटीन, कार्बोज़, वसा, स्फोक, जल, खनिज लवण, विटामिन तत्व जिनसे हमारा शरीर बना है और ये हमारे भोजन में भी शामिल होते है जिन पर हमारा जीवन निर्वाह है। यह मूल तत्व हमें खाद्य पदार्थ नहीं मिलते है तब शरीर बीमार पड़ जाता है अर्थात शरीर में किसी एक तत्व की भी कमी शरीर को रोगाणु बना देती है। दिन भर शारीरिक व मानसिक परिश्रम करने के बाद हमारे शरीर के तत्व जिनका ह्रास हो जाता है अगर उनकी पूर्ति नहीं होगी तो हमारा शरीर ज़्यादा दिन तक टिका नहीं रह सकता । शरीर को प्रतिदिन जितनी मात्रा में खनिज, प्रोटीन, विटामिन, वसा जल आदि की आवश्यकता है उसे वो देना ही चाहिए अन्यथा उसकी कमी हमारे शरीर को नष्ट होने के कगार पे पहुंचा देगी परन्तु कभी कभी किसी तत्व की ज़्यादती भी हमारे शरीर को रोगाणु कर देती है ।

खाद्य प्रदार्थ में मौजूद तत्वों के फायदे व नुकसान

1. प्रोटीन- प्रोटीन की ज़्यादती होने पर गुर्दा में पथरी का खतरा रहता है तथा इसकी कमी से शरीर दुबला पतला हो जाता है बच्चो में बढ़त रुक जाती है मानसिक विकास रुक जाता है

2. कार्बोहाइड्रेट- कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाने पर शरीर में अनायास चर्बी बढ़ जाती है शुगर भी बढ़ जाता है एल्जाइमर डेमेंशिया आदि बिमारियों का रिस्क बना रहता है लाभ – कार्बोहाइड्रेट शरीर को चुस्त, दुरुस्त व ऊर्जावान बनाता है खाना पचाने में लाभदायक है

3. वसा- वसा की अधिकता से शरीर मोटा भद्दा व बेडौल हो जाता है इसमें शुगर व ह्रदय संबधित बीमारियां घर कर लेती है इसकी कमी से शरीर निर्बल कमज़ोर व सूखा रोग से ग्रसित सा लगता है

4. स्फोक- स्फोक जैसा की हम जानते है की स्फोक हमारे शरीर में अपचनीय होते है परन्तु ये भोजन को पचने के लिए आवश्यक होता है यदि हम स्फोक रहित भोजन लेंगे तो वह आंतों में जाकर जम जायेगा आंतों की दीवार पर चिपकने लगेगा जिसके चिपकने के कारण आंतों की किर्यशीलता कम हो जायेगा और भोजन आंतों में पड़ा पड़ा सड़ता रहेगा।

5. जल- जल प्रत्येक प्राणी के लिए लाभदायक है सम्पूर्ण प्राणी व पादप जगत इस पर निर्भर है जल की अनुपस्थिति में जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है ये सम्पूर्ण जीवन का आधार है शरीर के ७०% भाग पर काबिज़ है ।

6. खनिज लवण- खनिज लवण शरीर के लिए अति आवश्यक तत्व है इसकी कमी से शरीर का शोधन बहुत मुश्किलों है मल मूत्र पसीना आदि के निकलने में लवण सहायक होते है। इन लवणों की सहायता से कफ द्रव में परिवर्तित होकर निकल जाता है । लवणों का अधिक प्रयोग कफ और पित्त को बढ़ाने वाला होता है।

7.कैल्शियम- कैल्शियम हमारे शरीर में एक आवश्यक तत्व है कैल्शियम जो हमारी हड्डियों व दांतो के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसकी कमी से हड्डिया कमज़ोर हो जाती है दांतो में खुरदुरे व काले निशान हो जाते है। इसके अलावा कैल्शियम शरीर को सुन्दर बनाता है नाड़ियों को ताकत देता है । शरीर की ईमारत हड्डियों के ढांचे पर खड़ी रखने के लिए कैल्शियम आवश्यक तत्व है । कैल्शियम के मुख्य स्त्रोत- चुकंदर, सहजन, तिल, चोकर,शलजम, दालें, तथा शाक सब्जियां फल आदि है।

8.फास्फोरस- (Phosphorus) फास्फोरस की कमी से शरीर को मानसिक थकावट होती है दिमाग कमज़ोर हो जाता है स्नायु तंत्र में कमज़ोरी आ जाती है मनुष्य अनिद्रा का शिकार हो जाता है याददाश्त कमज़ोर हो जाती है बाल झड़ने और पकने लगते है। तन व मन को तेजस्वी बलवान क्रियाशील बनाने के लिए फास्फोरस की आवश्यकता होती है फास्फोरस के स्त्रोत:- प्याज तथा मछली इसके मुख्य स्त्रोत है। टमाटर नीबूं गाजर जामुन पपीता सेब बेर लहसुन पनीर फूलगोभी पत्तागोभी पालक मूली ककड़ी खीरा बादाम खजूर अखरोट आलू दूध आदि में ये काफी मात्रा में पाया जाता है।

9.लोहा:- (Iron) लोहा हमारे शरीर का इतना आवश्यक तत्व है की इसके आभाव में हम जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते अपितु इसकी मात्रा शरीर में काम होती है परन्तु बड़ी जरुरी होती है इसकी कमी से अनीमिया रोग हो जाता है शरीर पीला पढ़ जाता है कार्बोनडाई ऑक्साइड गैस निकल नहीं पति व ऑक्सीजन प्रवेश नहीं करती है रोगी हमेशा चिड़चिड़ा रहता है सदैव थकान एवं निर्बलता का अनुभव किया करता है। लोह तत्व के स्त्रोत:- पालक, खजूर, किशमिश, गुड़, सोयाबीन, फल,साग, सब्जियनों तथा अनाजों आदि में पाया जाता है लोह तत्व प्रधान खाद्य पदार्थों के सेवन से जीवनी शक्ति बढ़ती है।

10.आयोडीन:- (Iodine)आयोडीन की कमी से घेंघा रोग हो जाता है। शरीर स्थूल व बेडौल हो जाता है। इसकी कमी से मनुष्य बोड़ा हो जाता है तथा बाल पकने व झड़ने लगते है। मानव शरीर में ६०% आयोडीन थायरॉइड ग्रंथि में संग्रित होता है। आयोडीन के स्त्रोत:- आयोडीन के प्राकर्तिक स्त्रोत अनाज, दालें, दूध, मछली, खाद्य पदार्थ, आलू, लहसुन, आदि है नमक इसका मुख्य स्त्रोत है।

11.मैंगनीज़:-(manganese) हिस्टीरिया रोग मैंगनीज़ की कमी के कारण होता है। मैंगनीज़ लवण के स्त्रोत:- सरसो का साग, नारंगी, टमाटर, बादाम अंडे की ज़र्दी, जों, गेहूं, लवण इत्यादि है । शेलम:- (Silicon) शेलम लवण आँखों, कानो, दांतो तथा बालों के लिए लाभकारी है इसकी कमी से बाल झड़ने लगते है सुनाई कम देने लगता है। तथा आँखों के रोग घेर लेते है त्वचा दन्त व शरीर के तंतु अस्वस्थ हो जाते हैं।

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