Vitamin in Food : खाद्य तत्वों में विटामिन्स का महत्व एंव प्रकार

खाद्य तत्वों में सातवां तत्व विटामिन है। जो शरीर के लिए अति आवश्यक है। वैज्ञानिकों को अभी तक लगभग १५ प्रकार के विटामिन ही ज्ञात हो चुके हैं विटामिन शरीरी के लिए अत्यंत आवश्यक तत्व है विटामिन वसा में घुलनशील है इसका संचयन शरीर में किया जा सकता है विटामिन शरीर के विकास के लिए बहुत आवश्यक तत्व है इसकी कमी से शरीर विभिन्न रोगों का शिकार बन जाता है। विटामिन हमारी आँखों को स्वस्थ रखता है और आँखों की ज्योति की रक्षा करता है । त्वचा के ट्विनिंग के लिए आवश्यक है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है ।पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। शरीर के पूर्ण विकास के लिए आवश्यक है । कैल्शियम के शोषण के लिए आवश्यक है ।

 विटामिन बी 1 या F (Thiamine Hydrochloride)

विटामिन बी 1 जल में घुलनशील है इसी कारण ये रसदार फलों व तरकारियों में अधिक पाया जाता है। विटामिन बी में थियामिन नामक तत्व पाया जाता है । लाभ:- स्नायु तंत्र को मज़बूत बनाता है। शरीर के विकास के लिए आवश्यक है । ज्ञाननेंद्रियों को शक्ति प्रदान करता है । ह्रदय तथा यकृत के लिए विशेष रूप से लाभकारी है पेशियों को शक्तिशाली बनता है। पाचन शक्ति में वृद्धि करता है ।

विटामिन B 1 या F की कमी से होने वाले रोग-

विटामिन B 1 की कमी से बेरी बेरी, नेत्र रोग, बालों का झड़ना, नकसीर, जननेन्द्रियों से रक्त जाना, दमा, गठिया, तपेदिक, श्वेतकुष्ठ, मोतियाबिंद आदि रोग हो जाते है । विटामिन B 1 के स्त्रोत:- हरी पत्तियों वलै सब्जी पौधों के बीज, अनाज, जौं, मटर ज्वार, मसूर, अरहर, पालक, प्याज, गाजर, आलू, चोकर, चौलाई, शलजम, आम, अनार, अंगूर, टमाटर, केला, करेला, खजूर, अंडा, किशमिश, दूध मलाई, मक्खन आदि में पाया जाता है।

विटामिन B2 या G विटामिन

B2 या Gजलमें घुलनशील विटामिन है तथा जिन खाद्य पदार्थों में जल की मात्रा अधिक होती है उनमे पाया जाता है। लाभ:- शरीर के विकास के लिए आवश्यक है । शरीर की त्वचा व नखों को सुन्दर बनता है। यौवन शक्ति को कायम रखता है । ह्रदय की ताकत के लिए आवश्यक है । स्नायु तंत्र को शक्ति प्रदान करता है ।

विटामिन B2 या Gकी कमी से होने वाले रोग :-

विटामिन B2 या Gकी कमी से रक्त विकार जन्य रोग हो जाते है। रक्त की कमी, पेट के रोग, दमा, बहुमूत्र, स्नायु रोग, थकावट, पक्षाघात, मोतियाबिंद, आदि रोग हो जाते हैं। विटामिन B2 या Gके स्त्रोत- ये विटामिन सभी दलों, अनजन, आलू, टमाटर, पत्तागोभी, सूजी में अधिक पाया जाता है । शलजम शकरकंद कच्चा केला सभी ताज़े फलों दूध दही मठ्ठा पनीर मक्खन , खमीर मछली तथा अंडे में पाया जाता है ।

विटामिन B 3 (नियासिन)

विटामिन B 3 नियासिन के नाम से जाना जाता है। लाभ:- शरीर के तापमान को संतुलित रखता है रक्त परवाह को दुरुस्त रखता है शरीर का वजन बढ़ाने के में लाभकारी है यह आंतों को सशक्त बनाता है नाड़ी संसथान को पूर्ण स्वस्थ व क्रियाशील बनाता है। विटामिन B 3 की कमी से होने वाले रोग:- विटामिन B 3 की कमी से पेलेग्रा नमक रोग हो जाता है मसूढ़ों व तालु पर सूजन आ जाती है रोगी की भूख कम हो जाती है शरीर कमज़ोर हो जाता है

विटामिन B 3 के स्त्रोत:-

छिलके सहित अनाज, मूंगफली, डालें, खमीर, मांस, यकृत में अधिक मात्रा में पाया जाट है इनके अलावा चावल फल हरी तरकारियाँ दूध आदि में कम मात्रा में उपस्थित रहता है ।

विटामिन B4

विटामिन B4 गर्मी और क्षारों में नष्ट हो जाता है इसके विषय में अभी बहुत कुछ ज्ञात नहीं है। विटामिन B5 विटामिन B5 भी गर्मी और क्षारों में नष्ट हो जाता है इसके विषय में अभी बहुत कुछ ज्ञात नहीं है।

विटामिन B 6 (पॉइरिडॉक्सिन)

विटामिन B 6 जल में घुलनशील है यह विटामिन शरीर के लिए बहुत आवश्यक है तथा मांसपेशियों को मज़बूती प्रदान करता है । लाभ: स्नायु के स्वास्थ के लिए आवश्यक है शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक है ह्रदय को शक्तिशाली बनाता है पाचन शक्ति को सुचारु रखता है विटामिन B 6 की कमी से होने वाले रोग:- विटामिन B 6 की कमी से मांसपेशियों में ऐठन हो जाती है गर्भावस्था में प्रातकाल में मितली आती है। विटामिन B 6 के स्त्रोत:- ये गेहूं चावल व दलों में पाया जाता है मटर मूंगफली, खमीर व सब्जियों में भी पाया जाता है ।

विटामिन B12 (कोबालमीन)

विटामिन B12 को लाल विटामिन के नाम से भी जाना जाता है लाभ:- लाल तकर कोशिकाओं के उत्पादन में B12 का योगदान अति मेहत्वपूर्ण है विटामिन B12 की कमी से होने वाले रोग:- पक्षाघात व भुजाओं में कड़ापन भी हो सकता है रक्तहीनता के उपचार में विटामिन B12 लाभदायक है विटामिन B12 के स्त्रोत- अंडे, मछली, जिगर, दूध, पनीर मक्खन आदि इसके प्रमुख स्त्रोत हैं ।

विटामिन C(Vitamin C )

विटामिन C जल में घुलनशील है क्षारों के साथ मिलाने पर व आग में पकने पर नष्ट हो जाता है विटामिन C को एस्कॉर्बिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है लाभ- विटामिन C के प्रयोग से शरीर के तंतु शक्तिशाली बनते है रक्त शोधक का कार्य करता है पाचक संसथान की गड़बड़ी को दूर करता है शरीर की बढ़त में रुकावट नहीं होने देता है एंटी एजिंग का कार्य करता है विटामिन C की कमी से रक्तविकार आंतों के रोग गठिया, बॉय, दंतरोग, चर्मरोग, मुख से दुर्गन्ध, लकवा, स्कर्वी रोग जोड़ों की जकड़न, सूजन सुस्ती पीलिया, मोतियाबिंद आदि रोग हो जाते है विटामिन C स्त्रोत- संतरा, नीबू, अनानास, आंवला, हरीमिर्च, मूली की पत्ती इसके प्रमुख स्त्रोत हैं अंगूर, सेब, केला, आड़ू नारियल अमरुद पपीता, आम, खजूर, अंजीर, तरबूज़, नारियल, प्याज, खीरा, लहसुन, चुकंदर, सभी अंकुरित अन्न, सोयाबीन दूध, मांस में भी यह विटामिन मिलता है

Follow us on Social Media.

2 thoughts on “Vitamin in Food : खाद्य तत्वों में विटामिन्स का महत्व एंव प्रकार”

Leave a Comment