इन सर्वोत्तम उपाय से करे पित्त प्रकृति को संतुलित : Pitaa Prakrati

पित्त प्रकृति

मस्तिष्क तथा शरीर की सभी क्रियाएँ संयमित होनी चाहिए। पित्त को ठंडे भोजन, ठंडी वायु तथा ठंडे वातावरण से संतुलित किया जाता है। पित्त दोषवाले लोग बड़े आक्रामक तथा गरम मिजाज होते हैं। तीखा, खट्टा तथा नमकीन भोजन पित्त दोष को असंतुलित कर देता है। अल्कोहल युक्त पेय भी पित्त को उत्तेजित करते हैं। ऐसे … Read more

शरीर में वात प्रकृति को संतुलित करने के उपाय और नियम : Vata

वात प्रकृति

वात प्रकृति का व्यक्ति अधिक लोगों के साथ नहीं रहना चाहता और शोरगुल पसंद नहीं करता। आधुनिक युग में तनाव और दबाव वात के असंतुलन को और बढ़ा सकते हैं। आरंभिक चरणों में शरीर असंतुलित अवस्था को स्वीकार करके उसे संतुलित करने का प्रयास करता है। वात को संतुलित करने के लिए यह आवश्यक है … Read more

पंचकर्म चिकित्सा की पूर्व प्रक्रिया और किस रोग में की जाती है – Panchkarma

पंचकर्म

पंचकर्म चिकित्सा की शोधन विधि है, परंतु आयुर्वेद में यह शमन चिकित्सा प्रणाली है। यह आधुनिक चिकित्सा की तरह ही है। पंचकर्म की भूमिका शरीर की प्रत्येक कोशिका से विषैले पदार्थों को विस्थापित करना और निकालना है। उदाहरण के लिए, सीने में अत्यधिक कफ, छोटी आँत में पित्त, पेट में कफ तथा बड़ी आँत में … Read more

शंख-प्रक्षालन आसान के फायदे और सावधानियाँ – shankh-prakshaalan

शंख प्रक्षालन

यदि हम अपने शरीर पर दृष्टि डालें और यह सोचें कि पूरे शरीर को कौन सा अंग विशेष रूप से प्रभावित करता है ? ऐसा कौन सा अंग है जो कि हमारे इस पूरे शरीर को पोषकता प्रदान करता है? ऐसा कौन सा अंग है जिसके लिए व्यक्ति सुबह से शाम तक कमाता है तो … Read more

नाभि/धरण हटने के मुख्य कारण एंव उससे होने वाले रोग ?

नाभि

नामि विज्ञान परीक्षण मानव को स्वास्थ्य प्रदान करने में मुख्य योगदान प्रदान करता है। आयुर्वेदाचार्यों के मतानुसार नाभि-चक्र यदि अपने केंद्र स्थान से हट जाए (सरक जाए या पलट जाए) तो कई प्रकार के रोगों को पैदा कर सकता है। नाभि-चक्र के अपने स्थान से खिसक जाने पर उदर में अवस्थित मणिपूरक चक्र के सभी … Read more

तनाव का अर्थ एंव जीवन में तनाव के मुख्य कारण

तनाव

आधुनिक जीवन के सामाजिक परिवेश में विभिन्न कारणों से व्यक्ति तनाव अनुभव करता है। भागदौड़ से अस्त-व्यस्त जीवन दिन-प्रतिदिन की माँगों से सामंजस्य बैठाने के प्रयास में ऊब और थकान अनुभव करने लगता है। ऐसा लगता है जीवन आनंदपूर्ण और सहज नहीं रह गया है। परिवार, पड़ोस और कार्यक्षेत्र से सम्बंधित कठिनाइयों का निवारण उचित … Read more

दैनिक जीवन में प्रार्थना की उपयोगिता व महत्त्व: Prarthna

Prarthna

मानव जीवन में प्रार्थना का बड़ा महत्त्व है। प्रार्थना की विभिन्न परिस्थितियाँ। जहाँ एक ओर संबल प्रदान करती हैं, वहीं दूसरी ओर भय मुक्त भी करती हैं। प्रार्थना जहाँ हमें जीवन जीने हेतु आधार प्रदान करती है वहीं हमारे पूरे व्यक्तित्व को भी प्रभावित करती है। प्रार्थना से आध्यात्मिक पक्ष को बल एवं शक्ति प्राप्त … Read more

ईश्वर के प्रति आत्म निवेदन प्रार्थना का अर्थ और उसके प्रकार : Prayer

प्रार्थना

पूर्ण श्रद्धा भक्ति और विश्वास के साथ ईश्वर चरणों में स्वयं को समर्पित करना ही प्रार्थना है। सच्ची प्रार्थना वही है जिसमें हम अपनी विराट् सत्ता के प्रवाह में अपने क्षुद्र अहम् का शमन करते हैं। हम अपने आंतरिक प्रकाश को विश्व में बिखेरते हुए प्रकाश में मिला देते हैं तथा अनंत अमर सत्ता की … Read more

Bipolar disorder:बाइपोलर डिसऑर्डर और मानसिक डिप्रेशन को कण्ट्रोल करने का तरीका

मानसिक अवसाद

डिप्रेशन से पीड़ित रोगी या व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है उसका शुरुआती लक्षणों का पता चलते ही इलाज़ शुरू करना। दवाओं के अलावा, कुछ प्राकृतिक उपचार भी हैं जिन्हें आसानी से रोगी के इलाज के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। डॉक्टरों द्वारा उपचार लक्षणों की गंभीरता, व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और व्यक्ति की इच्छा … Read more

इन शुरूआती लक्षणों से पता करे डिप्रेशन की समस्या का – Depression

डिप्रेशन

आजकल डिप्रेशन होना एक आम बात है छोटी-छोटी सी परेशानियो से हार कर व्यक्ति नकारात्मक सोचने लगता है। इससे आपके खाने,सोने,और रहन-सहन पर भी प्रभाव पड़ता है। इससे व्यक्ति अपने भीतर अपराध की निरंतर भावना का अनुभव करने लगता है। आइये जानते है डिप्रेशन क्या है और इसके लक्षण। डिप्रेशन क्या है?  – Depression डिप्रेशन … Read more