इन घरेलु नुस्खों से खुद ही करे अपनी बीमारी का इलाज

आजकल बीमारिया हर घर में पनप रही है जिसका मुख्य कारण हमारा रहन-सहन है। हमारे पूर्वज अपना इलाज खुद ही कर लेते उस समय आज के जैसी भयंकर बीमारियाँ होती ही नहीं थी उसका मुख्य कारण उनका देशी/आयुर्वेदिक इलाज था। आज के इलाज की थेरेपि एक रोग से बचा लेती है लेकिन उसके दुष्प्रभाव से दूसरा रोग उत्पन्न हो जाता है। आज हम कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में जानेंगे।

स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए

स्मरण षक्ति बढाना दो किलो हरे ताजत आवलें बारीक काटें । कांच के बर्तन में रखे । 750 ग्राम षहद डालकर बन्द करके रख दें । 15 दिन नियम से धूप लगाये । एक तोले की एक खुराक नित्य सुबह षाम उबाले हुए ठंडे दूध के साथ सेवन करे । लाल मिर्च और इमली का सेवन न करे । बहुत जल्दी ही आपकी स्मरण षक्ति में सुधार होगा ।

गले का देसी इलाज
गला बैठ जाने पर सर्दि के कारण यदि गला बैठ गया हो तो रात में सोते समय 4-5 काली मिर्च बताषे के साथ चबाकर सो जाएं । इससे स्वर भंग सर्दि जुकाम ठीक हो जाएगा । इससे गला भी तुरंत खुल जाता है । गर्म चीज के सेवन के पष्चात ठंडा खा लेने पर अक्सर गला खराब हो जाता है । ऐसे में एक ग्राम मुलहठी के चूर्ण को मुंह में रखकर कुछ देर चबाते रहे फिर वैसे ही मुह में रखकर सो जाए । सुबह उठने पर गला एकदम साफ मिलेगा । मुलहठी के चुर्ण को पाने के पत्ते में रखकर दांतो से चबाकर चूसते रहे इससे गला खुलने के साथ गले का दर्द भी ठीक हो जाता है ।

जलने पर घरेलु इलाज

अगर जिस्म का कोई हिस्सा जल जाए तो नारियल का तेल 50 ग्राम गर्म करके 12 ग्राम कपूर पीसकर मिला ले । यह तेल ठंडा करके दिन में 4-5 बार जली हुई जगह पर लगायें । जले हुए अंग को फौरन सरसों के तेल में डुबो दे तो छाला नही पडने देता । सीप गंधक आमलासार गूगल बराबर वनज करके मिला ले । जरूरत के अनुसार बकरी का दूध मिलाकर रात को जलने वाली जगह पर लगाये । सरसो का तेल 50 ग्राम 12 ग्राम खाने का सोडा और 3 ग्राम कपूर मिलाकर 4-5 दिन रात मालिष करे खारिष दूर होगी । षरीर के किसी भी जले अंग पर सिरस के पत्ते मलने से आराम होता है । अमलतास के पत्तो को पानी में पीसकर लगाने से जले हुए अंग आराम मिलता है । जले हुए अंग पर अरण्ड के पत्ते लगाने से आराम मिलता है । बड की कोंपलों को गाय के दूध के दही में पीसकर आग से जले हुए स्थान पर लगाने से भी फायदा होता है । अनार के पत्ते पीसकर जली हुई जगह लगाने से भी फायदा होता है । और जले हुई जगह की जलन भी कम हो जाती है । काली मसूर की दाल को तवे पर जलाकर कोयला कर ले तथा कपडे में छानकर बोतल में भरकर रख ले । आवष्यकता पडने पर नारियल के तेल में मिलाकर जले हुए स्थान पर लगाये इससे न तो छाले पडेगे और न ही जले का निषान रहेगा । जल जाने पर गाय का गोबर लगाने से आराम मिलता है तथा निषान ही नही रहता है । कच्चा आलू पीसकर लगाने से भी जली हुई जगह पर आराम होता है । जले हुए भाग को 15-20 मिनट के लिए गेहूं के आटे में दबा ले लाभ होगा । जलने पर उस भाग को पानी में डुबो दे तो जलन भी कम होगी ।

दाद का घरेलु इलाज

दाद के लिए उपचार सुबह उठकर सबसे पहले अपने मुंह से बासी थूक को हाथ सेे दाद पर मल ले । इससे दाद दो दिन में ठिक हो जाता है तुलसी पत्ते पीसकर दाद पर लगाने से भी दाद जल्दी ही ठीक हो जाता है ।

ततैया के काटने पर घरेलु इलाज

मधुमक्खी या ततैया के काटने पर मधुमक्खी या ततैया के काटने पर मूली काटकर डंक वाली जगह पर रख दें मूली का पानी रूई में भिगोकर डंक वाली जगह पर लगाये । दर्द में आराम होगा बिच्छू के काटने पर भी आप इसे लगा सकते है आराम मिलता है । कच्ची प्याज को काटकर अच्छी तरह रगड ले षीघ्र आराम हो जाएगा और सूजन भी नही आएगी इसके अलावा मूली काटकर लगाने से भी आराम होता है । सांप के काटने पर उपाय सांप के काटने पर तुरंत डाॅक्टरी चिकित्सा करवानी चाहिए । यदि समय पर डाॅक्टर उपलब्ध न हो तो ये उपाय किये जा सकते है । सांप काटने वाली जगह को किसी तेज धारदार ब्लेड या चाकू से छील लें । जब खून निकल आए तो बारीक पिसा पोटेषियम परमेंगनेट लगा दे । दो तीन बार लगाने के बाद जब दर्द होने लगे तो समझ ले कि जहर उतर चुका है । दो चार दिन तक काली मिर्च मिलाकर घी का खूब प्रयोग करे ।

जोडो का दर्द कनेर के पत्ते उबालकर पीस लें और मीठे तेल में मिलाकर लेप करे इससे दर्द में आराम मिलता है । कडवे तेल में अजवाइन और लहसुन जलाकर उस तेल की मालिष करने से हर प्रकार का बदन दर्द दूर हो जाता है ।

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